Thursday, July 30, 2009

गायत्री देवी : साढ़े तीन लाख वोटों के अंतर से जीतीं

वैसे तो गायत्री देवी अपने जीवन से इतनी प्रसन्न थीं कि उन्होंने कभी राजनीति में आने के बारे में नहीं सोचा। लेकिन भारत की आजादी के बाद रजवाड़ों को खत्म कर दिया गया था। कांग्रेस का दबदबा लगातार बढ़ता जा रहा था, ऐसे में उन्होंने सी. राजगोपालाचारी की स्वतंत्र पार्टी ज्वाइन की और 1962 में अपने पहले ही चुनाव में साढ़े तीन लाख वोटों के अंतर से जीतीं। इसके लिए उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज किया गया। 1965 में सवाई मानसिंह को स्पेन का राजदूत बनाया गया और गायत्री देवी भी कुछ सालों के लिए स्पेन चली गईं। इसके बाद वह फिर भारत लौटीं और राजनीति में सक्रिय हो गईं और 1967 में फिर लोकसभा चुनावों में वे भारी बहुमत से जीतीं।

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