1970 में इंग्लैंड में पोलो खेलते हुए उनके पति जयपुर के पूर्व महाराज सवाई मान सिंह को हार्ट अटैक हुआ और वे चल बसे। यह झटका गायत्री देवी सह नहीं सकीं और अकेलेपन ने उन्हें तोड़ दिया। हालांकि उन्होंने अपना पूरा ध्यान अपने इकलौते पुत्र जगत सिंह पर लगाया। जगत सिंह इंग्लैंड में रहकर पढ़ाई कर रहे थे और वहीं वह थाईलैंड की राजकुमारी प्रिया से मिले।
गायत्री देवी को आशा थी कि यह शादी उनके जीवन में फिर से खुशियां लाएगी, लेकिन जगत सिंह और प्रिया की शादी लंबी नहीं चली और वे अपने दोनों बच्चों देवराज और लालित्य को लेकर थाईलैंड चली गईं। जगत सिंह यह सह नहीं सके और उन्होंने शराब का सहारा लिया। 1997 में गायत्री देवी के पुत्र जगत सिंह की भी मृत्यु हो गई।
यह उनके जीवन का सबसे दुखदायी दौर था, जब सभी प्रियजन उनसे बहुत दूर थे और वे बहुत अकेली। उनसे मिलने वाले नजदीकी बताते हैं कि जगत सिंह की मौत ने गायत्री देवी को इतना कमजोर कर दिया कि वे ज्यादातर समय मौत और जाने की बात करने लगीं। जगत की मौत के बाद वे जिन्दगी से बेहद निराश हो गईं।
Thursday, July 30, 2009
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